दारू की बोतल की कहानी
यह एक छोटी सी बोतल दारु की कहानी है। यह बोतल एक पेड़ के पास अकेली बसी थी। वह बहुत ही निराशा और उदास थी क्योंकि उसका कोई उपयोग नहीं हो रहा था।
एक दिन, एक संगीतमय पार्टी उस पेड़ के नजदीक लगाई गई, जहां लोग मजे कर रहे थे। बोतल ने देखा कि सभी लोग खुश हो रहे थे और दारु के साथ मस्ती कर रहे थे। यह देखकर बोतल का मन भी खुशी से भर गया।
बोतल ने खुद को सोचा, "मुझे भी लोगों को खुश करने का अवसर मिलना चाहिए।" इसलिए उसने अपनी आवाज बदलने का निर्णय लिया।
जब दारु खत्म हो गई, तो बोतल ने उसके लिए जगह मांगी। सभी लोग अचंभित हो गए और बोतल के आवाज को सुनने लगे। उन्होंने देखा कि बोतल के आवाज से वे सब खुश हो रहे थे और उसके साथ नाच रहे थे। बोतल ने अपनी नयी भूमिका का आनंद उठाया और उसने लोगों के दिलों में खुशी लाने का काम किया।
इस कहानी से हमें यह सबक मिलता है कि हमारे पास अनेक
शोधा जाने वाले अवसर हो सकते हैं, जिनसे हमें अपनी स्थिति में परिवर्तन ला सकते हैं। यह कहानी हमें यह सिखाती है कि हमें अपने प्रतिबंधों को छोड़कर नई संभावनाओं की खोज करनी चाहिए और अपनी क्षमताओं का उपयोग करके अपने जीवन को सकारात्मक रूप से बदल सकते हैं।

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