सैनिटाइजर की कहानी
सैनिटाइजर की कहानी एक दिन की है। यह एक छोटे से शहर में रहने वाले एक लड़के की है, जिसका नाम राहुल है। राहुल बचपन से ही बहुत साफ-सुथरा रहने वाला था और उसके पास सैनिटाइजर बॉटल हमेशा होती थी।
एक दिन, शहर में बीमारी फैल गई और लोगों को सावधान रहने की सलाह दी गई। राहुल ने भी यह सुनकर सोचा कि वह लोगों की मदद कर सकता है। वह अपने सैनिटाइजर की बोतल लेकर बाजार में जा पहुंचा।
राहुल ने लोगों को संक्रमण से बचने के लिए सैनिटाइजर देकर उन्हें जागरूक किया। वह अपने आसपास के सभी सार्वजनिक स्थानों में जाकर लोगों को सैनिटाइजर उपयोग करने की सलाह दी। राहुल ने सैनिटाइजर को साथ रखकर लोगों की मदद की और उन्हें यह बताया कि इससे कैसे बीमारियों का प्रसार रोका जा सकता है।
राहुल की यह कार्यशीलता और उनकी मदद से लोग इसे स्वीकार करने लगे और उन्होंने भी अपने साथ सैनिटाइजर रखना शुरू कर दिया।
धीरे-धीरे, शहर में सैनिटाइजर का उपयोग बहुत आम हो गया। लोग इसे अपनी दैनिक जीवनशैली में शामिल करने लगे और सावधानी बरतने का प्रयास करने लगे। राहुल को देखकर और उसकी प्रेरणा पाकर, कुछ लोग ने भी सामाजिक सदस्यों की मदद करने का निर्णय लिया और सैनिटाइजर बांटने की कार्यवाही शुरू की।
इस प्रकार, राहुल की सैनिटाइजर बॉटल ने शहर के लोगों को सुरक्षित रखने में मदद की और संक्रमण के प्रसार को रोकने में योगदान दिया। यह कहानी हमें यह दिखाती है कि एक छोटी सी चीज भी बड़ा परिवर्तन ला सकती है और हम सभी के सामर्थ्य हैं कि हम अपनी छोटी-छोटी क्रियाएं करके समाज में सुरक्षित रह सकें। ..........
प्रभात भारद्वाज....

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